मध्य प्रदेश

Indore : ग्रामीण पुलिस का ‘सेफ क्लिक 2.0’ साइबर जागरूकता अभियान

Kavita2
29 Jun 2026 10:09 AM IST
Indore : ग्रामीण पुलिस का ‘सेफ क्लिक 2.0’ साइबर जागरूकता अभियान
x

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : इंदौर ग्रामीण पुलिस द्वारा जिले में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेंद्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में यह अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ नाम से पूरे जिले के सभी थाना क्षेत्रों और सब-डिवीजन में चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य आम लोगों को साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है ताकि वे किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी से बच सकें।

इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जन चौपाल और पब्लिक अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सांवेर सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों, जिसमें पिगडंबर पंचायत और बेटमा पुलिस स्टेशन क्षेत्र शामिल हैं, में पुलिस टीमों द्वारा लोगों को सीधे संवाद के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराध के मामलों में हाल के वर्षों में तेजी आई है, जिसमें मोबाइल लिंक फ्रॉड, ओटीपी चोरी, फर्जी कॉल, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे मामले प्रमुख हैं। ऐसे अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लागू किया गया है।

जन चौपाल के दौरान पुलिसकर्मी ग्रामीणों को सरल भाषा में समझा रहे हैं कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी किसी के साथ साझा न करें और बैंक या सरकारी संस्थाओं के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल्स से सतर्क रहें। साथ ही लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

अभियान में महिलाओं, युवाओं और किसानों को विशेष रूप से लक्षित किया जा रहा है, क्योंकि इन वर्गों को डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन सेवाओं का अधिक उपयोग करना पड़ता है। पुलिस का मानना है कि यदि शुरुआती स्तर पर ही जागरूकता बढ़ाई जाए तो साइबर अपराधों की संख्या में काफी कमी लाई जा सकती है।

एसपी राजेंद्र कुमार वर्मा ने सभी थाना प्रभारी (एसएचओ) और सब-डिवीजन अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान को जिले के हर गांव और हर नागरिक तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा है कि यह केवल एक औपचारिक अभियान नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसे गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए।

अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना, तो कभी इनाम या लॉटरी का झांसा देना, ऐसे कई तरीके सामने आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण लोग अक्सर इन धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं।

इसी को देखते हुए पुलिस टीमों द्वारा गांव-गांव जाकर लोगों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया जा रहा है कि किस तरह से छोटी सी गलती बड़ी आर्थिक हानि का कारण बन सकती है। कार्यक्रमों में साइबर सुरक्षा से जुड़े पर्चे भी वितरित किए जा रहे हैं और डिजिटल सुरक्षा के आसान उपाय बताए जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि अभियान के दौरान स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी शामिल किया जा रहा है ताकि संदेश अधिक प्रभावी तरीके से आम जनता तक पहुंच सके। स्कूलों और कॉलेजों में भी साइबर जागरूकता सत्र आयोजित करने की योजना बनाई गई है, जिससे युवाओं को शुरुआत से ही सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी मिल सके।

‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत यह भी बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतनी चाहिए। अज्ञात फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने या संदिग्ध मैसेज पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूरी है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि साइबर अपराध एक ऐसी चुनौती है, जो तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ और जटिल होती जा रही है। इसलिए इसके समाधान के लिए केवल पुलिस नहीं, बल्कि आम जनता की भागीदारी भी आवश्यक है।

इंदौर ग्रामीण पुलिस का यह अभियान न केवल जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि यह डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी माना जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराध के मामलों में कमी आएगी और लोग डिजिटल सेवाओं का सुरक्षित उपयोग कर सकेंगे।

फिलहाल ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान जिले के सभी क्षेत्रों में सक्रिय रूप से जारी है और आने वाले दिनों में इसे और व्यापक स्तर पर ले जाने की योजना है। पुलिस प्रशासन लगातार इसकी निगरानी कर रहा है ताकि हर नागरिक तक साइबर सुरक्षा का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

Next Story